Friday, 25 March 2016

ऑगर्ज्‍म समस्‍या के सामान्‍य कारण


सेक्‍स समस्‍या कई प्रकार की होती हैं, इन कारणों से पुरुष अपने साथी को खुश नही कर पाता है। आर्गज्‍म भी ऐसी ही सेक्‍स समस्‍या है, आइए हम आपको बताते हैं इसके कारण क्‍या हैं।
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    अन्‍य बीमारियां

    अगर आपको लीवर, किड्नी, फेफड़े, दिल आदि से जुड़ी बीमारियां है तो इसका असर आपके सेक्‍स संबंध पर भी पड़ता है। इन बीमारियों के इलाज के लिए प्रयोग की जा रही दवाईयां आपके पेनिस में रक्‍त के प्रवाह को प्रभावित करती हैं जो कि आर्गज्‍म समस्‍या का सबसे बड़ा कारण है।
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    धूम्रपान करना

    अगर आप धूम्रपान कर रहे हैं तो इसकी आदत से छुटकारा पाने की कोशिश कीजिए, क्‍योंकि इसका असर आपे सेक्‍स जीवन पर पड़ सकता है। अमेरिका में हुए एक शोध के अनुसार एक लाख से ज्‍यादा लोग धूम्रपान के कारण नपुंसकता का शिकार हुए। धूम्रपान के कारण स्‍पर्म प्रोडक्‍शन की क्षमता कम हो जाती है।

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    तनाव के कारण

    वर्तमान समय में तनाव भरी जीवनशैली के कारण लोगों की सेक्स लाइफ में समस्याएं होना आम बात है। कई बार सेक्स के दौरान किसी कारण से असंतुष्ट होने या सेक्स से अरुचि हो जाने से सेक्स लाइफ पर नकारात्मक असर पड़ता है। इससे बचने के लिए तनाव से दूर रहने की कोशिश कीजिए।

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    दुर्घटना के कारण

    अगर आपका एक्‍सीडेंट हुआ है तो इसका असर आपके शरीर के साथ-साथ सेक्‍स संबंध पर भी हो सकता है। एक्‍सीडेंट का असर टेस्‍टोस्‍टेरॉन के लेवेल पर भी पड़ सकता है जो कि आर्गज्‍म का कारण है। सामान्‍य सर्जरी के द्वारा इस समस्‍या से निजात मिल सकती है। हालांकि इस सर्जरी के बाद आपको बाइक चलाने से बचना चाहिए।

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    टेस्टोस्टेरोन की कमी

    आमतौर पर सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण पुरुषों की कामेच्छा में कमी आती है। दरअसल उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के रक्त में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा में कमी आना एक आम बात है। हार्मोन में कमी उम्र के साथ जुड़ी समस्या है लेकिन कुछ लोग अपनी उम्र की शुरुआत में ही इससे पीड़ित हो जाते हैं। 

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    इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

    कई बार देखा जाता है कि सेक्स इच्छा में कमी का कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन अर्थात लिंग की मांसपेशियां का कमजोर पड़ना भी होता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कई बार विटामिन बी की कमी के कारण भी जाती है। 

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    कर सकते हैं समाधान

    अक्सर लोगों को यह गलतफहमी होती है कि तीस साल की उम्र बाद काम शक्ति में कमी आ जाती है। लेकिन ऐसा नहीं है यदि आप उम्र के हिसाब से अपनी सेहत और खान-पान का ठीक से खयाल रखते रखते हैं तो आप सेक्स का आनन्द उसी प्रकार से ले सकते हैं, जिस प्रकार से एक युवावस्था में लिया करते थे। 

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    कुछ रोगों के कारण

    हृदय रोग, एनीमिया व मधुमेह जैसी बीमारियां भी पुरुष को सेक्स के प्रति उदासीन बना सकती हैं। वहीं कई बार अधिक दवाओं का सेवन करने, शरीर में रोगों का प्रभाव होने व मूत्रनली से संबंधित रोग होने पर भी सेक्स इच्छा में कमी पैदा हो जाती है।



गर्भवती के लिए सेक्‍स की सबसे बेस्‍ट पॉजिशन


गर्भवती होने के बाद ज्‍यादातर महिलाओं की कोशिश होती है कि वह अपने पति से दूरी बनाकर रखें। क्‍योंकि उनको लगता है कि गर्भावस्था में सेक्‍स करने से बच्‍चे पर बुरा असर पड़ेगा। लेकिन क्‍या गर्भावस्‍था के दौरान सेक्‍स करने से वाक्‍य में बच्‍चे पर असर पड़ता है? क्‍या 9 महीने तक सेक्‍स बिल्‍कुल नहीं करना चाहिए? अगर आप भी इन सवालों के जबाव ढूंढ रहे हैं तो यह आर्टिकल को जरूर पढ़ें।
sex in pregnancy in hindi










डॉक्‍टर गर्भवती महिलाओं को संभोग के लिए सख्‍ती से मना तभी करते हैं, जब बच्‍चे में किसी प्रकार के कॉम्‍प्‍लीकेशन हों। यदि बच्‍चे की ग्रोथ अच्‍छी है, तो तीन महीने पूरे होने पर सेक्‍स किया जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान आप पूरी तरह से सेक्‍स का आनंद ले सकते हैं सिर्फ जरूरत है कुछ एहतियात बरतने की। उसका ध्‍यान पति को ज्‍यादा रखना पड़ता है, क्‍योंकि गर्भावस्‍था के दौरान अधिकांश महिलाओं में सेक्‍स करने की इच्‍छा तीव्र होती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान सेक्स करते समय पॉजिशन का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। कुछ सेक्‍स पोजीशन ऐसी हैं, जो शिशु और मां दोनों के लिए सु‍रक्षित होता है। आइए ऐसे की कुछ पॉजिशन के बारे में जानते हैं


वुमन ऑन टॉप पॉजिशन  

गर्भावस्‍था के दौरान इस पॉजिशन से सेक्‍स का आनंद उठाया जा सकता है। इस पॉजिशन में महिला पुरुष के ऊपर होती है, जिससे पेट पर किसी तरह का दबाव पड़ने का डर नहीं रहता है और महिला अपने गर्भ के शिशु की सुरक्षा का भी पूरा ध्‍यान रख सकती है। लेकिन ऐसी अवस्‍था में किस लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्‍योंकि किस लेते समय महिला का पेट दब सकता है।


एज ऑफ द बेड पॉजिशन   

इस पॉजिशन में महिला बिस्तर के किनारे पैरों को नीचे करके लेटती हैं और पुरूष घुटनों के बल बिस्तर के किनारे बैठता है। मां और शिशु को हानि पहुंचने का खतरा भी न के बराबर होता है। या पुरुष किसी आरामदायक कुर्सी, बैड, आर्मचेयर आदि पर बैठे। उसके ऊपर महिला बैठ जाए और संभोग कर सेफ सेक्‍स किया जा सकता है।


रिवर्स काउगर्ल पॉजिशन   

रिवर्स काउगर्ल उन कपल्स के लिए अच्छा है जो पुरूष अपने साथी के पेट को देखकर चितिंत होने के कारण सेक्स करने से डरते हैं। यह वुमन ऑन टॉप की ही तरह होता है फर्क सिर्फ इतना है कि इस सेक्‍स पॉजिशन में महिला पुरूष के दूसरे तरफ मुंह करके बैठती है।


स्पूनिंग पॉजिशन   

गर्भावस्‍था में सेक्‍स की यह सबसे सुरक्षित पॉजिशन माना जाती है। इस पोजिशन में जिसप्रकार चम्मच एक साथ रखा रहता है उसी तरह दोनों साथी सेक्‍स अवस्था में होते हैं। इस पोजिशन में दोनों सेक्स का पूरा आनंद सुरक्षा को ध्यान में रख कर उठा सकते हैं। इसमें पुरूष महिला के नीचे होता है और महिला के आराम को ध्यान में रख कर पूरा आनंद उठा पाता है।


अन्‍य पॉजिशन

  • इस पॉजिशन में महिला अपनी तरफ सिकुड़कर लेट जाती है और पुरूष पीछे लेटकर सेक्‍स की क्रिया करता है। इससे भी गर्भ पर असर नहीं पड़ता। इस पॉजिशन की खास बात यह है कि आप इस पॉजिशन में सेक्‍स आठवें व नवें महीने तक किया जा सकता है।
  • इस पॉजिशन में महिला पीठ के बल टखने मोड़कर लेट जाती है और अपनी टांगें पुरूष के कंधे पर रखकर सेक्‍स करती है। इस पोजिशन में भी पेट पर दबाव नहीं पड़ता।
  • इस पॉजिशन में पुरुष और महिला एक दूसरे के सामने लेट महिला अपना बायां पैर पुरूष के शरीर पर रख देती। इस अवस्‍था में सेक्‍स करने से गर्भ को झटके नहीं लगते। हालांकि सातवें महीने से ऐसा करना थोड़ा कठिन होता है।

जानें कैसे विपरीत लिंग को आकर्षित करती है देह गंध


क्या आप जानते है कि शरीर की अपनी एक प्राक़तिक गंध होती है। जिसको परफ्यूम या पसीने से नहीं छुपाया जा सकता है। इसी गंध की मदद से एक इंसान, दूसरे इंसान के आसपास होने को भांप लेता है। इस बात की पुष्टि यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के वैज्ञानिकों वे स्वयं की है। उनके अनुसार इंसान सचमुच विपरीत लिंग के सदस्य की मौजूदगी गंध से पहचानते हैं।

  • ताजा शोध इंसानी फैरोमॉन की मौजूदगी की धारणा को मजबूत करता है। माना यह जाता है कि पुरुषों के पसीने और वीर्य में मौजूद एंड्रोस्टेडिनॉन नामक रसायन और महिलाओं के मूत्र में मौजूद एस्ट्राटेट्रेनॉल नामक रसायन विपरीत लिंगी को आकर्षित करते हैं।
  • जवानी में जीवधारियों के शरीर में ऐसे स्नव निकलते हैं जो बाद में बनते ही नहीं हैं। यह शरीर में समाई अतिरिक्त ऊर्जा, उत्साह और कई नई शारीरिक क्रियाओं की देन होती है। मानव के अलावा अन्य जीवों में तो यह गंध विपरीत लिंग को आकर्षित करने के लिए खासतौर से निकलती है।
  • शोध के दौरान उन मांओं को चुना गया जिनका कुछ ही समय पहला प्रसव हुआ हो। उनके सामने नन्हे बच्चों के कुछ कपड़े लाकर रख दिए गए, इससे पहले उन्हें उनके खुद के ही बच्चे के कपड़े की गंध सुंघाई गई। बाद में कई सारे कपड़ों में से उन्हें अपने बच्चे की गंध वाला कपड़ा बिना देखे सूंघकर पहचानना था।
  • इस गंध के नथुने में पहुंचते ही महिलाओं को अजब अनुभूति होती है। कई महिलाओं में रोमांच यहां तक हो गया कि उनके शरीर के रोंगटे खड़े हो गए। कुछ का शरीर ही कंपन में आ गया और उनकी बांहें अपने बच्चे को लेने के लिए मचल उठीं।


इन फैरोमॉन रसायनों की उपस्थिति साबित हो चुकी है, लेकिन इंसानों में इसकी मौजूदगी पर एक राय नहीं है और अब तक उनकी मौजूदगी वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हो पाई है।

जानें कैसे इलाइची बढ़ा सकती है सेक्स पावर



यौन क्षमता का बेहतर होना दाम्पत्य जीवन का न सिर्फ पूर्ण करता है, बल्कि प्रेम की भावना को और भी मजबूत करता है। इसे बेहतर करने के लिये सही खानपान व नियमित व्यायाम बेहद जरूरी होता है। लेकिन इसके अलावा भी प्रकृति में भी ऐसी कई चीजें हैं जिनके सेवन ये यौन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। कमाल की बात तो यह कि ये गुणकारी चीजें आराम से मिल सकती हैं और इनका प्रयोग भी आसान होता है। इसमें से एक चीज़ है, इलाइची! चलिये जानें इलाइची कैसे यौन क्षमता बढ़ाने में मददगार होती है। - 

Elaichi Enhances Sex Power in Hindi








कैसे करती है ये फायदा

भारतीय मसाले में कीमती और मसालों की महारानी कही जाने वली इलायची के इस्तेमाल से कामेच्छा को बढ़ाया जा सकता है। इलायची का सेवन आमतौर पर सांस और मुंह को साफ रखने के लिए अथवा मसाले के रूप में किया जाता है। यह दो प्रकार की होती है, हरी या छोटी इलायची व बड़ी इलायची। 
इलायची को वाजीकरण नुस्खे के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इलायची एक ऐसे टॉनिक के रूप में भी काम करती है जिससे कामोत्तेजना में वृद्धी होती है। यह शरीर को ताकत प्रदान करने के साथ-साथ असमय स्खलन व नपुंसकता की समस्या से भी मुक्त कराने में सहायक होती है। इसका सेवन करने के लिये दूध में इलायची डालकर उबालें। ठीक से उबल जाने के बाद इसमे थोड़ा शहद मिलाएं और नियमित रूप से रात को सोते समय इसका सेवन करें। इसके नियमित सेवन से यौन क्षमता में इज़ाफा होता है और दामपत्य जीवन सुखमय बनता है।  


इसका अलावा मुंह में छाले की समस्या को दूर करने के लिये बड़ी इलायची को महीन पीसकर उसमें पिसी हुई मिश्री मिलाकर जीभ पर रखने से छाले दूर होते हैं। लेकिन रात के समय इलायची न खायें, इससे खट्टी उकारें आने की शिकायद हो सकती है। साथ ही महिलाओं को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिये, क्योंकि इसके अधिक सेवन से महिलाओं में गर्भपात होने की भी संभावना होती है